गाँधी गाल के राजा बैठे प्रजा को भुने आतंकी
मेरे मन में पीड़ा क्यों है जो मरता है मरने दो ना
अफजल और कसाब यहाँ पर खाते जेलों में बिरयानी
भारत के कितने बच्चो की आँखों में डाले जो पानी
मन मोहन जी आम भेजकर खुश करते है करने दो ना
मेरे मन में पीड़ा क्यों है जो मरता है मरने दो ना
कारगिल पर्वत को काटा नाखुनो से उनका क्या
नोबेल पुरस्कार को पाना बना हुआ है लक्ष्य यहाँ
बम्ब फोड़ो जनता को मारो वोट बैंक तो बढने दो ना
मेरे मन में पीड़ा क्यों है जो मरता है मरने दो न
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vah bhai vah...
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