शुक्रवार, 29 जनवरी 2010

पाकिस्तान अपने को बदले वर्ना दुनिया उसे बदल देगी

दुनिया जानती हैं पाकिस्तान के हालात इसे कोई देश नहीं कह सकता वहां केवल आतंकवादी शिविर, सडको पर धरम के नाम पर पेट पर बम्ब बांधे नासमझ इंसान और आकाश में ड्रोन घूम रहे हैं, भारत सरकार की सियाशी मज़बूरी हो सकती है पाक खिलाडियो के सम्मान की रक्षा करना;आइपीअल वाले क्यों करे उन्हें तो आपने मैच करने के लिए शांति चाहिए, अफरीदी भारत सरकार को दबाव में लेना कहते थे एक बड़े अवाम को खुश करने के लिए खेल मंत्री बयान भी आये जिनकी जरुरत नहीं थी, दुनिया को अब अपना नजरिया बदलना होगा,पाकिस्तान ने खुद को न बदला तो दुनिया उसे बदल देगी इसकी शुरुवात IPL से हो चुकी है



गुरुवार, 28 जनवरी 2010

लाल चौक पर क्यों नहीं फेहरा तिरंगा सरकार दे जवाब

बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने जब लाल चौक पर तिरंगा फेहराया था तब कांग्रेस नेता उसे ड्रामा बता रहे थे I आज कश्मीर में कांग्रेस की सरकार है फिर भी लाल चौक पर तिरंगा ना फेहराया जाना सैनिको का मनोबल गिराने जैसा है I यह सरकार अरबो रूपए के बैंक घोटाले में शामिल चटवाल को पदम् विभूषण दे रही है I विज्ञापनों पर पाकिस्तानी जनरलों के फोटो लगाये जा रहे है I लाल चौक पर तिरंगा ना फेहराना दुर्भाग्य पूर्ण घटना है I इसकी जितनी निंदा हो कम है I

मंगलवार, 26 जनवरी 2010

कमर तोड़ महंगाई में ये कैसा गणतंत्र

देश में कमर तोड़ महंगाई  हो और हम राजपथ पर करोडो रूपये खर्च कर गणतंत्र दिवस मन रहे है क्या राष्ट्र ध्वज को फहराकर जय हिंद के नारे के साथ सादे समारोह से गणतंत्र दिवस नहीं मन सकता इस वर्ष इस धन का उपयोग अनाज और चीनी की व्यवस्था करने में होता तो बेहतर था राजपथ का महंगा प्रदर्शन अब बंद हो जाना चाहिए 



गुरुवार, 21 जनवरी 2010

हिम्मत है तो हिंदी फिल्मे बनाने पर बैन करे महाराष्ट्र सरकार

महारास्ट्र की कांग्रेस सरकार भी देश को तोड़ने की कसम खाकर बैठे राज ठाकरे के पद चिन्हों पर चलने लगी है,अब केवल मराठी  जानने वालो को ही देगी टेक्सी चलने की अनुमति, यह सब वर्षो से अपना देश समझ कर वहां रह रहे उत्तर भारतियो के खिलाफ किया जा रहा है ,अगर महारास्ट्र सरकार में हिम्मत है तो मुंबई में हिंदी फिल्मे बनाने पर रोक लगाए, केवल मराठी फिल्म बनने दे, फिर देखे कौन मुंबई जैसी जल्दी ही समुन्द्र में डूब जाने वाली बेकार जगह कौन जाना चाहेगा, यूपी के अमिताभ और दिल्ली के शाहरुख़ खान को वापस भेजे, पजाब के मनमोहन सिंह को महारास्ट्र में न घुसने दे जब तक वो मराठी न सीख ले, हिंदी है हम वतन है हिंदोस्ता हमारा पंक्ति गीत से निकलवा दे सोनिया गाँधी, या फिर अपनी इस देश विरोधी महारास्ट्र सरकार व राज ठाकरे जैसे लोगो पर नियंत्रण करे वर्ना देश की अखंडता के लिए दिया गया इंदिरा राजीव का बलिदान बेकार जायेगा

बुधवार, 20 जनवरी 2010

राम तेरी गंगा किसने की मैली

धर्म के नाम पर पाखंडो ने देश की हालत ख़राब कर दी है ,सडको पर जाम,गंदगी,अरबो रूपये का नुक्सान, कुम्भ हो या कावड मेला गणपति हो या रथ यात्रा, सबने देश को कई १०० वर्ष पीछे धकेला है ,भगवान माता पिता के रूप में घर में विराजमान है, उनकी सेवा छोड़ पाखंडी लोग मेलो की भगदड़ में मरने के लिए भटक रहे है, भगवान परिवार के जीविकोपार्जन के लिए किये जाने वाले कर्म में है, और मुर्ख व कर्म से भागने वाला इंसान उसे पाने को देश के करमशाली किसानो की फसलो को जीवन देने वाली नदियो को प्रदुषित कर रहा है, हरिद्वार में पहुचने वाले करोडो भटके हुए लोगो का मल मूत्र गंगा में बहता है ,इस आत्याचार से माँ गंगा को बचाओ, तुम अपने कर्म पर ध्यान दो गंगा को गंगा रह जाने दो..........