सोमवार, 22 फ़रवरी 2010

कांग्रेस का हाथ गरीब के साथ??

देश की गरीब जनता आटा, दाल,चीनी को जानती है पाकिस्तान जैसी टेडी पूंछ से वार्ता का नतीजा पहले से ही देश की जनता को पता है,इस सरकार से पहले 18 रूपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी  44 रूपये बिक रही है और सोनिया के प्रधान मंत्री अर्थ शास्त्री कहे जाने वाले सरदार मनमोहन सिंह को जबरन ये देश झेल रहा है,उधर .सोनिया, राहुल,प्रियंका राज परिवार बनकर सरकारी ऐशोआराम का मज़ा लूट रहे है, कहाँ गया कांग्रेस का हाथ गरीब के साथ????? आजादी से लेकर आज तक कांग्रेस का विकल्प तैयार न हो पाने से देश की ऐसी दुर्गति हो रही है, इस देश का भाग्य लार्ड माउन्टबेटन की पत्नी की कलम से लिखवाने वाली कांग्रेस आज तक देश को पतन की और ले जाने में जुटी है, देश का गरीब आदमी पिस रहा है और कांग्रेस के चमचा संस्कृति के लोग चाहते है की संसद में महंगाई पर बात न हो तुम मरो और हम उफ़ भी न करे.......  

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

मैंने अमर सिंह के ब्लॉग पर लिखा

अमर सिंह जी 
मुझे राजनीती की समझ कम है लेकिन फिर भी एक बात समझ में नहीं आती कल्याण सिंह BJP छोड़ते ही उसकी नीतियों को गाली देने लगते है राम मंदिर को भूल बताते है, भेरो सिंह टिकट न मिलने पर उस पार्टी को कोसने लगते है जिसने उन्हें उप राष्ट्रपति तक सम्मान दिया अब आप भी दो दिन में मुलायम सिंह और उनके हिंदी प्रेम व प्रदेश विभाजन विरोध के खिलाफ बोलने लगे, क्या ये केवल विरोध करने वाली नीति नहीं है जब आप समाजवादी में थे तो मुलायम सिंह को समझाया क्यों नहीं? प्रदेश का बंटवारा समय की मांग है यह आपको समाजवादी पार्टी में रहते ही समझ में आना चाहिए था, मुझे नहीं लगता मुलायम सिंह ने आपकी कोई बात टाली हो, उनके भाई और अन्य नेताओ से आपके मतभेद हो सकते है, अचानक विचारधारा नहीं बदल सकती यह तो बच्चो की जिद और लड़ाई जैसा है,  

4 साल की उम्र वाला प्रस्ताव कानून बना कर पुरे देश में लागु कराओ

कपिल सिब्बल शगुफे भी छोड़ रहे है और अपने को लाचार भी दिखा रहे है देश ने तुम्हे नीती निर्धारण की शक्ति दी है केवल लाल बत्ती गनर भत्ते लेने के लिए नहीं बच्चो के स्कूल जाने का  4 साल की उम्र वाला प्रस्ताव कानून बना कर पुरे देश में लागु कराओ केवल दिल्ली का क्या मतलब है कांग्रेस के मंत्री शोर ज्यादा मचाते है करते कुछ नहीं, डरते रहते है, कही हाई कमान नाराज न हो जाये कांग्रेस के विकल्प के अभाव में मंत्री बने बैठे हो सिब्बल जी कुछ कर दिखाओ दुनिया याद करेगी. 

शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

अच्छा है सरकार BAMS BUMS डोक्टर्स को ६ माह का कोर्स कराये


गांवों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के मकसद से ग्रामीण डॉक्टर तैयार करने के लिए विशेष मेडिकल डिग्री के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। साढ़े तीन साल की इस डिग्री कोर्स के पहले बैच में 6000 छात्र दाखिला लेंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की सलाह को मानते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने योजना को मंजूरी दे दी है। एमबीबीएस के साढ़े चार साल के कोर्स को एक साल घटा कर साढ़े तीन साल का बैचलर ऑफ रूरल हेल्थ केयर (बीआरएचसी) का यह कोर्स बनाया गया है। इसमें सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के छात्र ही दाखिला ले सकेंगे और उन्हें इसी क्षेत्र में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस दिया जाएगा। वे शहरी क्षेत्रों में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। मेरी राय है की-
अगर ग्रामीण सेवा के लिए इन डॉक्टर को भी दोयम दर्जे का नहीं बनाना है तो अच्छा है सरकार BAMS और  BUMS डोक्टर्स को एक ६ माह का कोर्स कराकर उनकी सीमाए बढ़ा दे, उनसे गाव में ही कार्य करने का लिखित शपथ पत्र ले, वे अधिक कारगर होंगे,वर्ना इस नई डीग्री वालो को भी जीवन भर IMA वालो के कडवे शब्द झेलने होंगे,अभी भी ग्रामीणों को सबसे अधिक सेवा AYUSH के डॉक्टर ही दे रहे है