शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

अच्छा है सरकार BAMS BUMS डोक्टर्स को ६ माह का कोर्स कराये


गांवों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के मकसद से ग्रामीण डॉक्टर तैयार करने के लिए विशेष मेडिकल डिग्री के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। साढ़े तीन साल की इस डिग्री कोर्स के पहले बैच में 6000 छात्र दाखिला लेंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की सलाह को मानते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने योजना को मंजूरी दे दी है। एमबीबीएस के साढ़े चार साल के कोर्स को एक साल घटा कर साढ़े तीन साल का बैचलर ऑफ रूरल हेल्थ केयर (बीआरएचसी) का यह कोर्स बनाया गया है। इसमें सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के छात्र ही दाखिला ले सकेंगे और उन्हें इसी क्षेत्र में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस दिया जाएगा। वे शहरी क्षेत्रों में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। मेरी राय है की-
अगर ग्रामीण सेवा के लिए इन डॉक्टर को भी दोयम दर्जे का नहीं बनाना है तो अच्छा है सरकार BAMS और  BUMS डोक्टर्स को एक ६ माह का कोर्स कराकर उनकी सीमाए बढ़ा दे, उनसे गाव में ही कार्य करने का लिखित शपथ पत्र ले, वे अधिक कारगर होंगे,वर्ना इस नई डीग्री वालो को भी जीवन भर IMA वालो के कडवे शब्द झेलने होंगे,अभी भी ग्रामीणों को सबसे अधिक सेवा AYUSH के डॉक्टर ही दे रहे है    

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