मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

मैंने अमर सिंह के ब्लॉग पर लिखा

अमर सिंह जी 
मुझे राजनीती की समझ कम है लेकिन फिर भी एक बात समझ में नहीं आती कल्याण सिंह BJP छोड़ते ही उसकी नीतियों को गाली देने लगते है राम मंदिर को भूल बताते है, भेरो सिंह टिकट न मिलने पर उस पार्टी को कोसने लगते है जिसने उन्हें उप राष्ट्रपति तक सम्मान दिया अब आप भी दो दिन में मुलायम सिंह और उनके हिंदी प्रेम व प्रदेश विभाजन विरोध के खिलाफ बोलने लगे, क्या ये केवल विरोध करने वाली नीति नहीं है जब आप समाजवादी में थे तो मुलायम सिंह को समझाया क्यों नहीं? प्रदेश का बंटवारा समय की मांग है यह आपको समाजवादी पार्टी में रहते ही समझ में आना चाहिए था, मुझे नहीं लगता मुलायम सिंह ने आपकी कोई बात टाली हो, उनके भाई और अन्य नेताओ से आपके मतभेद हो सकते है, अचानक विचारधारा नहीं बदल सकती यह तो बच्चो की जिद और लड़ाई जैसा है,  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें