बुधवार, 20 जनवरी 2010
राम तेरी गंगा किसने की मैली
धर्म के नाम पर पाखंडो ने देश की हालत ख़राब कर दी है ,सडको पर जाम,गंदगी,अरबो रूपये का नुक्सान, कुम्भ हो या कावड मेला गणपति हो या रथ यात्रा, सबने देश को कई १०० वर्ष पीछे धकेला है ,भगवान माता पिता के रूप में घर में विराजमान है, उनकी सेवा छोड़ पाखंडी लोग मेलो की भगदड़ में मरने के लिए भटक रहे है, भगवान परिवार के जीविकोपार्जन के लिए किये जाने वाले कर्म में है, और मुर्ख व कर्म से भागने वाला इंसान उसे पाने को देश के करमशाली किसानो की फसलो को जीवन देने वाली नदियो को प्रदुषित कर रहा है, हरिद्वार में पहुचने वाले करोडो भटके हुए लोगो का मल मूत्र गंगा में बहता है ,इस आत्याचार से माँ गंगा को बचाओ, तुम अपने कर्म पर ध्यान दो गंगा को गंगा रह जाने दो..........
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

बहुत बढ़िया
जवाब देंहटाएं