साइना नेहवाल आज एक ऐसा नाम है जिसे बच्चा बच्चा जानने लगा है अब हमें किसी सानिया मिर्ज़ा की जरुरत नहीं है विशाल भारत देश की बेटिया कोई भी मुकाम हासिल कर सकती है. सानिया मिर्ज़ा के कारण मीडिया उसकी सफलताओ को हलके में लेता रहा आज सारा मीडिया साइना नेहवाल को कवर कर रहा है, यह खुशी की बात है. साइना नेहवाल के चमत्कारिक प्रदर्शन से पूरा देश गदगद है। इस हरियाणा की जाटनी और हैदराबादी बाला ने उस खेल में देश का मान बढ़ाया है जिसमें आजतक चीनी, जापानी वर्चस्व माना जाता था। दमखम के इस खेल में भारत की दूर-दूर तक कोई पहचान नहीं थी। प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद के आल इंग्लैंड टूर्नामेंट की सफलताओं को छोड़ दें तो भारत को कभी इस खेल में महाशक्ति नहीं माना गया। कई लोगों का तो यहां तक मानना था कि भारतीय महिलाएं तो महज खानापूरी के लिए इन खेलों में भाग लेती हैं। साइना ने पिछले सात साल की अपनी उपलब्धियों से जता दिया है कि वे कोई वक्ती बुलबुला नहीं हैं, उनके खेल में निरंतरता है। इस समय तो उनका खेल अपने शीर्ष पर है। साइना ने जापान की सयाका सातो को हराकर इंडोनेशियन ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट का अपना खिताब बरकरार रखा। इस जीत के साथ लगातार तीन हफ्तों में खिताब जीतने की हैट्रिक बना दी है। उन्होंने इस टूर्नामेंट से पहले सिंगापुर में सिंगापुर ओपन और चेन्नई में इंडियन ओपन के खिताब जीते थे। साइना की यह तीसरी सुपर सीरीज सफलता है। गत वर्ष उन्होंने इंडोनेशियन ओपन के रूप में पहली बार सुपर सीरीज खिताब जीता था।हालाँकि उन्हें सानिया की तरह अपने खेल को निखारने के लिए ज्यादा स्पोंसर नहीं मिले हैं। लेकिन उनकी सफलताएं ज्यादा बड़ी हैं। अभी तक तो वे ग्लैमर से दूर रहकर केवल खेल पर ध्यान लगाए हैं। धीरे-धीरे उनकी रैंकिंग बढ़ती जा रही है। वे फिलहाल विश्व की तीन नंबर की महिला शटलर हैं। उनके आगे चीन, ताइवान की दो महिलाएं हैं। उनका दावा है कि जल्दी ही वे नंबर वन बन जाएंगी। जिस तरह बेहद कष्टों में उन्होंने इस खेल के लिए अपने सबकुछ झोंका है, उनका यह सपना भी पूरा हो सकता है। पूरा देश साइना नेहवाल के साथ है, सानिया मिर्ज़ा को बता दो की तुम जाओ पाकिस्तान हमारे पास खेल प्रतिभाओ की कमी नहीं, आज बेडमिन्टन में तो कल टेनिस में भी ........
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really, she deserves Kudos
जवाब देंहटाएंसाइना को शुभकामनाएँ.
जवाब देंहटाएंअरे क्या बात कर दी भाई? साइना और सानिया नाम भले ही मिलता-जुलता हो, लेकिन उनमें जमीन-आसमान का अन्तर है।
जवाब देंहटाएंनहीं समझे क्या? थोड़ा ध्यान से सोचिये… आपको पता चल जायेगा कि विश्व नम्बर 3 साइना नेहवाल को मीडिया अधिक भाव क्यों नहीं देता, जबकि सानिया जो कभी भी टॉप 40 में भी नहीं पहुँची उसे सिर-आँखों पर क्यों बैठाता है… सोचो-सोचो-सोचो…। :)
Bolo bhai khul kar bolo.
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