मंगलवार, 9 मार्च 2010

दुनिया पुरुषो की है, इसे पुरुष ही चलाये तो बेहतर है

महिला आरक्षण विधेयक का सर्वाधिक नुक्सान मुस्लिम समाज को होगा क्योकि उनकी महिलाये राजनीती में कम ही निकलती है लगता है बीजेपी इसी कारण कांग्रेस के साथ वोट करने से परहेज नहीं कर रही है, कांग्रेस भी बीजेपी का काम ही करती नज़र आ रही है, लेकिन चाणक्य से लेकर आज तक एक बात सत्य है कि महिलाओ के लिए जमाना कभी नहीं बदल सकता दुनिया पुरुषो की है, इसे पुरुष ही चलाये तो बेहतर है, महिलाओ की शरीर रचना ऐसी नहीं है की वो ज़माने के जोखिमो को झेल सके और दुनिया में जोखिम अब पहले से बढे है ऐसे में पुरुषो का काम पुरुष और महिलाओ का काम महिलाये ही करे तो बेहतर है, एक रिपोर्ट के अनुसार देखा जा रहा है की सार्वजनिक जीवन में रहने वाली महिलाओ के कारण उनके बच्चे सफ़र कर रहे है, वे ममता, शिक्षा और मार्ग दर्शन के अभाव व दिशा हीनता का शिकार बने है, नारी परिवार को बनाती है उसे राज काज के झंझट में मत डालो 

1 टिप्पणी:

  1. राजकाज तो फिर भी सांसद पति ही चलायेंगे. कोई हर्ज नहीं. मैं तो कहता हूं, पूरे देश में जातियों के हिसाब से हर जगह आरक्षण लागू कर दिया जाये. कृपया शब्द वेरीफिकेशन हटायें

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